Friday, November 11, 2016

सर्जीकल स्ट्राइक 

सुबह उठा तो सुना, हमारी सेना ने किया सर्जिकल स्ट्राइक 
एक दिन सरकार ने किया काले धन का सर्जिकल स्ट्राइक

एक ही चाल में कर दिया पूरा का पूरा सिस्टम हमारा राईट 
देश का सिस्टम ठीक हुआ पर फैमिली में जारी रही फाइट 

सोचा सरकार इसके बारे में भी जरूर सोच रही होगी 
शायद इसके लिए भी जरुरी इंतज़ाम खोज रही होगी 

सुबह सुबह ही खबर आयी की उपाय सरकार ने सोच लिया 
हर घर में होने वाले झगड़े का कारण सरकार ने खोज लिया 

खबर आयी की पुरानी शादिया आज रात तक ही मान्य होंगी 
लोगो को आश्वासन दिया की घबराये नहीं जिंदगी सामान्य होगी 

आदेश आया की लोग अपनी पुरानी बीबी ससुराल में जमा कराये
सबको हैसियत के अनुसार नयी बीबी मिलेगी हाय तौबा न मचाये 

अगले दस दिनों के लिए सबको एक अंतरिम लुगाई दी जाएगी 
हालात काबू में होने पर इसकी समय सीमा और बढ़ाई जाएगी 

हमारे पड़ोस के ताऊ जी का तो ख़ुशी से बुरा हाल हो गया 
दूसरे ताऊ से ख़ुशी बर्दास्त न हुई और सुबह ही चल दिया 

मैंने पूछा ताऊ इतनी ख़ुशी क्यों है, बात क्या खाश है 
ताऊ जी बोले की बेवकूफ! बात तो खाश ही खाश है 

तेरी पुरानी  ताई के बदले सरकार नयी दिलाएगी 
नयी ताई तो दुगुने जोश के साथ बिजली गिराएगी 

रोना तो उनको चाहिए जिनके पास बहुत सा काला धन है 
नयी तो चाहिए पर पुरानी जमा करने का नहीं कोई साधन है

सड़क पर निकाला तो मिला जुला हाल था 
कोई ख़ुशी से पागल तो कोई बेहाल था 

एक सज्जन रोते हुए बोले बहुत मुश्किल से तो शादी हुई थी 
लुगाई का चेहरा भी ठीक से नहीं देखा, बात भी आधी हुई थी

फिर खबर आयी की १० दिनों बाद सबको अपनी वाली ही मिलेगी 
सिर्फ जिनकी एक से ज्यादा लुगाई थी बस उनकी ही कुर्की कटेगी 

देखते ही देखते पूरा माहौल बदल गया 
  ऐसा लगता मानो मौसम ही बदल गया

मैं भी अचानक उठा तो देखा मैं बिस्तर पे पड़ा था 
  घर का नौकर बिस्तर के पास चाय ले के खड़ा था  

                                                                  डॉ. रणजीत सिंह 'अविकल' 




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