शाम अभी हुई हुई नहीं कि दिन ये कैसे ढल गया
ह्रदय से अभी लगे नहीं कि दिल ये कैसे भर गया
साथ साथ चले थे तुम और साथ का वादा भी था
आधी राह में ही क्यों, रास्ता तेरा बदल गया
ह्रदय से दूर गए नहीं तो मशहूर कैसे हो गए
पलको पर जो बैठे हो तो दूर कैसे हो गए
पास ही रहे थे तुम पास ही का इरादा भी था
नजदीकियां ह्रदय से थी तो दूर कैसे हो गए