Sunday, July 23, 2017




संभाला है दर्द हमने, आंसू भी बहाए हैं
इस कदर प्यार करके दर्द ही कमाए है 
वजह भले तुम ठहरे, दिल तो हमारा था
वो भी तुम ले गए, सुख चैन भी गवाएं हैं 

प्राणप्रिये, तू ऐसे उदास न हुआ कर
तुझसे दूर हो जाऊ न ऐसी दुआ कर 
कोई तुझे देखे तो मुझे जलन होती है
हवाओ, मेरे प्रियतम को न छुवा कर


इस ज़माने का भी अजीब सा दस्तूर है 
दर्द, दवा बन कर हर जगह मशहूर है 
दर्द जो सुनाओ तो तालियां बजती है 
इसमें न ही तेरा, न कोई मेरा कसूर है 



Monday, July 17, 2017



मेरी पहचान अभी बाकि है -१९ 

गिरू जहाँ, वहां राख कर दूँ 
मैदान सारा, मैं साफ़ कर दूँ 
कुटिया, महल, धनी, गरीब 
जलना है रहूं जिसके करीब 
करूँ ना कोई भेद भाव
ना ही कोई लग लगाओ  
जलाना सिर्फ जानू, क्योंकि अग्नि हूँ मैं 
मेरा काम यही बाकि है 
मेरी पहचान अभी बाकि है


सलाह सब देते की बात करो 
इससे करो, उससे करो, बात करो 
काम बिगड़ जाये तो बात करो 
बाते ही करे और कहें बात करो 
बात करते रहो, बात बनती नहीं 
इसीलिए तुझसे मेरी कभी बनती नहीं 
जंबान मेरे मुँह में पर जीवन संग्राम अभी बाकि है 
मेरी पहचान अभी बाकि है  

Tuesday, July 11, 2017

मेरी पहचान अभी बाकि है - १ ८  


करता तुम्हारी कब से प्रतीक्षा 
कब से है तेरे दर्शन की इच्छा 
हर बार लगता अब आओगे 
बन के बदरिया छा जाओगे 
पर अब तक तुम आये नहीं 
तुम्हे यहाँ ढूँढू, तुम हो कहीं 
इच्छा न छोड़ू, प्रतीक्षा न छोड़ू, 
 धैर्यवान मुझमे अभी बाकी है 
मेरी पहचान अभी बाकी है


प्रियतम सभी के आने लगे
गीत प्रीत के गुनगुनाने लगे
प्राणप्रिय मेरे कब आओगे
ठंढी सी छाँव बन छाओगे
वचन तो दिया था आने को
मत लाओ किसी बहाने को
आना पड़ेगा तुझे मेरी गली,
तेरी यादों का मकान यहाँ बाकी है
मेरी पहचान अभी बाकी है


कब आने वाले हो, जरा बतलाओ
क्या लाने वाले हो, जरा बतलाओ
जब भी आना, मुस्कुराते हुए आना
गले से लगाना, कही फिर न जाना
उंगली पकड़ कर बाग़ में घुमाना
मुझको पढ़ाना, कहानी भी सुनाना
देर करना नहीं, मेरा इंतहान अभी बाकी है
मेरी पहचान अभी बाकी है