समझ
समझते तुम भी हो
समझते हम भी है
फिर भी समझ नहीं आता
की ऐसा क्यों समझते है?
कभी हम तुमको समझाते है
कभी तुम हमको समझाते हो
फिर भी समझ नहीं आता
कि हम क्यों नहीं समझते है?
समझने की बस बात इतनी है
समझ को समझ कर समझा करे
पर अपनी समझ को कैसे समझाये?
कि सोच समझ कर समझा करे
लेकिन फिर समझता हु
की इतना भी क्या समझना
समझ को जो समझ में आये
इतना ही बस समझता हु
समझ को जितना समझु
उतना ही समझता हु
समझ बड़ी नासमझ है
पर दिल ये नहीं समझता है
समझ को जितना समझु
उतना ही समझता हु
समझ बड़ी नासमझ है
पर दिल ये नहीं समझता है
ये समझ चीज बड़ी है समझने की
जो जल्दी समझ नहीं आती
समझ में जिसके आ जाये
उसे क्या पड़ी है समझने की?
... डा. रणजीत सिंह 'अविकल'
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