संभाला है दर्द हमने, आंसू भी बहाए हैं
इस कदर प्यार करके दर्द ही कमाए है
वजह भले तुम ठहरे, दिल तो हमारा था
वो भी तुम ले गए, सुख चैन भी गवाएं हैं
प्राणप्रिये, तू ऐसे उदास न हुआ कर
तुझसे दूर हो जाऊ न ऐसी दुआ कर
कोई तुझे देखे तो मुझे जलन होती है
हवाओ, मेरे प्रियतम को न छुवा कर
इस ज़माने का भी अजीब सा दस्तूर है
दर्द, दवा बन कर हर जगह मशहूर है
दर्द जो सुनाओ तो तालियां बजती है
इसमें न ही तेरा, न कोई मेरा कसूर है
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