Monday, July 17, 2017



मेरी पहचान अभी बाकि है -१९ 

गिरू जहाँ, वहां राख कर दूँ 
मैदान सारा, मैं साफ़ कर दूँ 
कुटिया, महल, धनी, गरीब 
जलना है रहूं जिसके करीब 
करूँ ना कोई भेद भाव
ना ही कोई लग लगाओ  
जलाना सिर्फ जानू, क्योंकि अग्नि हूँ मैं 
मेरा काम यही बाकि है 
मेरी पहचान अभी बाकि है


सलाह सब देते की बात करो 
इससे करो, उससे करो, बात करो 
काम बिगड़ जाये तो बात करो 
बाते ही करे और कहें बात करो 
बात करते रहो, बात बनती नहीं 
इसीलिए तुझसे मेरी कभी बनती नहीं 
जंबान मेरे मुँह में पर जीवन संग्राम अभी बाकि है 
मेरी पहचान अभी बाकि है  

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