मेरी पहचान अभी बाकि है -२२
जीवन की माया छोड़कर
रिश्ते नातों से मुँह मोड़कर
घर अपने मैं चला जाऊंगा
बुलाओगे, पर नहीं आऊंगा
फिर क्या याद करोगे मुझे
याद कर रोना आएगा तुझे
समझ तुझे तब भी नहीं आऊंगा,
मेरी बातों का संज्ञान अभी बाकि है
मेरी पहचान अभी बाकि है
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