पहचान अभी बाकि है-११
नैतिकता के नाम पे हमेशा होता मेरा इस्तेमाल
जो माने इसे तंगहाल, जो न माने वो मालामाल
दुकान के बाहर लगा बड़ा पोस्टर ये नैतिकता
काम पूरा हो गया तो गयी तेल लेने ये नैतिकता
सब कुछ जानकार भी इससे अंजान बने बैठा हूँ
माना इस्तेमान किया, इसका संज्ञान लिए बैठा हूँ
नैतिकता अब भी कही बची है, मर्यादाओ का सिवान अभी बाकि है
मेरी पहचान अभी बाकि है
माना की तुम सही पर मैं भी कहा ख़राब हूँ
व्यक्ति तुम अच्छे, इंसान मैं भी लाजबाब हूँ
शिष्टाचार तुममे तो मुझमे अब भी है अदाब
सफल आज तुम तो मेरा भी बाकि है शबाब
गलतियां मेरी कुछ, जिनका मूल्य चुकाना है
मेरे अंदर भी राम, अपने कृष्ण को जगाना है
रावण मत समझो मुझे, मुझमे भगवान् अभी बाकि है
मेरी पहचान अभी बाकि है
दुकान के बाहर लगा बड़ा पोस्टर ये नैतिकता
काम पूरा हो गया तो गयी तेल लेने ये नैतिकता
सब कुछ जानकार भी इससे अंजान बने बैठा हूँ
माना इस्तेमान किया, इसका संज्ञान लिए बैठा हूँ
नैतिकता अब भी कही बची है, मर्यादाओ का सिवान अभी बाकि है
मेरी पहचान अभी बाकि है
माना की तुम सही पर मैं भी कहा ख़राब हूँ
व्यक्ति तुम अच्छे, इंसान मैं भी लाजबाब हूँ
शिष्टाचार तुममे तो मुझमे अब भी है अदाब
सफल आज तुम तो मेरा भी बाकि है शबाब
गलतियां मेरी कुछ, जिनका मूल्य चुकाना है
मेरे अंदर भी राम, अपने कृष्ण को जगाना है
रावण मत समझो मुझे, मुझमे भगवान् अभी बाकि है
मेरी पहचान अभी बाकि है
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