Saturday, December 2, 2017


कुछ तो सत्यता रही होगी 


कुछ तो रिक्तता रही होगी 
या कमी परिपक्वता की होगी 
यूँ ही तो दहलीज पार कर नहीं जाता 
कोई दर्दे गम किसी से बाँट नहीं जाता 
इन सब में कुछ तो सत्यता रही होगी 

कुछ  तो तमासे हुए होंगे 
कुछ तो हादसे भी हुए होंगे 
यूँ ही तो कोई तमासा दिखता नहीं 
तमाशाई से तमासा बनता नहीं 
इन तमासों में कुछ तो सत्यता रही होगी 

कुछ तो अनुभूतियाँ रही होंगी 
कुछ परिस्थितियां भी रही होंगी 
यूँ ही तो कोई बेवफा होता नहीं  
बेवजह कोई खफा होता नहीं  
बेवफाइयों में भी कुछ तो सत्यता रही होगी

कुछ तो बात रही होगी
कोई बात जो नहीं बनी होगी
यूँ ही तो बात बिगड़ती नहीं
बनते बनाते फिर बिगड़ती नहीं
बगड़ती बातों में बातों की कुछ तो सत्यता रही होगी 

                                                                                    डॉ रणजीत सिंह 'अविकल'






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